जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर घटाने और टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को परिणामोन्मुखी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। वर्ष 2026 में हुई 12 मातृ मृत्यु मामलों की समीक्षा के दौरान प्रेमनगर निवासी रुखसाना की मृत्यु में साक्ष्यों से छेड़छाड़ व विरोधाभास पाए जाने पर उन्होंने संबंधित एएनएम को मौके पर ही निलंबित कर दिया।
डीएम ने पिछले 5 वर्षों के आंकड़ों की जीआईएस मैपिंग कर उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों को चिह्नित करने और विशेष टास्क फोर्स गठित करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि देहरादून का मातृ मृत्यु अनुपात (31.0) और शिशु मृत्यु दर (13.8) राज्य व राष्ट्रीय औसत से काफी बेहतर हैं। हालांकि, जन्म के समय लिंगानुपात 924.4 है, जिसमें अभी और सुधार की चुनौती बनी हुई है। उन्होंने टीबी जांच का दायरा बढ़ाने का भी निर्देश दिया।
