देहरादून की पुलिस लाइन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत “सुसाइड प्रिवेंशन थ्रू युवा जोश (YUWA JOSH)” विषय पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में एम्स ऋषिकेश के सोशल आउटरीच सेल ने तकनीकी सहयोग दिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पुलिस जवानों को कार्य के दबाव के बीच तनावमुक्त रहने, मानसिक स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने और अवसाद से बचने के व्यावहारिक उपाय सिखाना था।
प्रमुख बिंदु:
• पारिवारिक संवाद: मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने कहा कि तनावपूर्ण दिनचर्या में परिवार और मित्रों से नियमित संवाद अवसाद से उबरने में सबसे बड़ा संबल बनता है।
• भावनात्मक संतुलन: एम्स के डॉ. संतोष कुमार ने जवानों को गुस्सा नियंत्रित करने और “बैलून थेरेपी” के जरिए भावनाओं को संतुलित रखने के तरीके बताए।
• समय पर परामर्श: मनोवैज्ञानिक डॉ. ब्रुज़ाली अब्राहम ने भावनाओं को दबाने के बजाय साझा करने और आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ की मदद लेने पर जोर दिया।
