मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में 25 बिंदु कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को योजनाओं के धरातलीय प्रभाव और आमजन को मिल रहे वास्तविक लाभ का नियमित आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों (डीएम) को हर माह अपने जिलों में इसकी अनिवार्य समीक्षा करने को कहा।
मुख्य सचिव ने पिरूल कलेक्शन से लाभार्थियों की आय में हुई वृद्धि का विस्तृत ब्योरा तैयार करने तथा डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन व सेग्रिगेशन व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। प्रदेश के सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (एसटीपी) की क्षमता का पूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने के लिए एक केंद्रीकृत रियल टाइम मॉनिटरिंग मैकेनिज्म तैयार करने को कहा गया। साथ ही बड़े व्यावसायिक संस्थानों और ग्रुप हाउसिंग में इन-हाउस एसटीपी नियमों का कड़ाई से पालन कराने, अतिक्रमण रोधी निगरानी तंत्र मजबूत करने और लंबित पार्किंग परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए।
