सीमांत जिलों में राज्य कैबिनेट की बैठक को लेकर कांग्रेस की बयानबाजी पर भाजपा प्रदेश प्रवक्ता हनी पाठक ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्र कोई राजनीतिक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और उत्तराखंड की सामाजिक-आर्थिक मजबूती का आधार हैं। धामी सरकार सीमांत को आखिरी छोर के बजाय विकास की पहली पंक्ति में रख रही है।
हनी पाठक ने बताया कि केंद्र के ₹4,800 करोड़ के ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ के तहत उत्तराखंड के 51 गांवों का विकास हो रहा है, जहां 152 परियोजनाएं स्वीकृत हो चुकी हैं। 135 असंबद्ध गांवों को जोड़ने के लिए ₹2,513.35 करोड़ की लागत से 112 सड़कें और 35 पुल स्वीकृत किए गए हैं। साथ ही ‘स्वस्थ सीमा अभियान’ के तहत पिथौरागढ़, चमोली और उत्तरकाशी के 108 गांवों में स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। उन्होंने कांग्रेस से पूछा कि देहरादून में बैठकर बात करें या सीमांत में जाकर कैबिनेट करें, हर बात पर आपत्ति क्यों है? कांग्रेस बेबुनियाद बयानों के बजाय अपने शासनकाल का हिसाब दे।
