देहरादून। जनता की समस्याओं को प्राथमिकता देने वाले देहरादून के जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने एक बार फिर साबित कर दिया कि प्रशासनिक कुर्सी का असली उद्देश्य जनता को राहत पहुंचाना है। सोमवार को आयोजित समाधान दिवस में डीएम ने 171 फरियादियों की समस्याएं स्वयं सुनीं और अधिकांश मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
डीएम डॉ. आशीष चौहान की कार्यशैली लगातार लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। आम लोगों का कहना है कि वे उन चुनिंदा जिलाधिकारियों में हैं जो जनता से मिलने के लिए स्वयं समय निकालते हैं और हर फरियादी की बात गंभीरता से सुनते हैं। यही कारण है कि समाधान दिवस केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि लोगों के लिए न्याय और उम्मीद का मंच बनता जा रहा है।
15 युवाओं से लाखों की ठगी, डीएम ने कहा—बख्शा नहीं जाएगा
समाधान दिवस के दौरान सबसे गंभीर मामला ऋषिकेश क्षेत्र के करीब 15 युवाओं का सामने आया। युवाओं ने आरोप लगाया कि विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक व्यक्ति ने उनसे लाखों रुपये और पासपोर्ट ले लिए तथा अब जान से मारने की धमकी दे रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम डॉ. आशीष चौहान ने तत्काल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से वार्ता कर आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
चार साल से पेंशन का इंतजार, डीएम ने एक दिन में दिलाई राहत
नेहरू ग्राम निवासी संगीता देवी ने बताया कि उनके दिव्यांग पति को चार वर्षों से प्रमाण पत्र नहीं मिलने के कारण दिव्यांग पेंशन भी नहीं मिल रही थी।
डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को तत्काल मेडिकल परीक्षण कराने और समाज कल्याण विभाग को एक सप्ताह के भीतर पेंशन स्वीकृत करने के निर्देश दिए। इस निर्णय से पीड़ित परिवार को बड़ी राहत मिली।
बुजुर्ग मां की जमीन हड़पने के आरोप की जांच
समाधान दिवस में एक बुजुर्ग महिला ने अपनी ही बेटी पर धोखे से जमीन अपने नाम कराने का आरोप लगाया। जिलाधिकारी ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए संबंधित क्षेत्राधिकारी (सीओ) को जांच सौंपते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर सख्त रुख
रायवाला और नया गांव क्षेत्र में सार्वजनिक मार्गों पर अवैध निर्माण और अतिक्रमण की शिकायतों पर डीएम ने संबंधित एसडीएम और पुलिस अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई कर अवैध निर्माण हटाने के निर्देश दिए। साथ ही किरायेदारों के सत्यापन अभियान में तेजी लाने को भी कहा।
आपदा और जनसुविधाओं पर भी त्वरित फैसले
नथुवाला में बिजली के तारों से बने खतरे, चकराता क्षेत्र में आपदा से क्षतिग्रस्त सिंचाई नहर, भूस्खलन से प्रभावित गूल तथा सुंदरवाला में जल निकासी जैसी समस्याओं पर भी डीएम ने संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई कर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
‘काम बोलता है’—डीएम की यही पहचान
देहरादून में डॉ. आशीष चौहान की कार्यशैली लगातार लोगों का विश्वास जीत रही है। जनसुनवाई हो, फील्ड निरीक्षण हो या संवेदनशील मामलों में त्वरित निर्णय—वे केवल निर्देश देने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि मामलों की मॉनिटरिंग भी करते हैं।
समाधान दिवस में भी यही तस्वीर देखने को मिली, जहां 171 लोगों की समस्याएं सुनकर उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जनता के कार्यों में लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
डीएम डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि समाधान दिवस का उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि लोगों को समयबद्ध न्याय दिलाना है। विशेष रूप से युवाओं के साथ ठगी, महिलाओं और बुजुर्गों के उत्पीड़न जैसे मामलों में प्रशासन ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम करेगा।
