बद्रीनाथ के कांग्रेस विधायक लखपत सिंह बुटोला ने बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित दान और चढ़ावे में हुई कथित हेराफेरी को लेकर राज्य सरकार और बद्री-केदार मंदिर समिति (BKTC) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने इस मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए उच्च न्यायालय के तीन सिटिंग जजों की विशेष समिति गठित कर समयबद्ध जांच की मांग की है।
विधायक बुटोला ने प्रेस वार्ता में अत्यंत भावुक होते हुए कहा कि यह केवल वित्तीय घोटाला नहीं, बल्कि करोड़ों सनातनियों की आस्था पर कुठाराघात है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छोटे कर्मचारियों को ‘बलि का बकरा’ बनाकर वास्तविक दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जांच अधिकारी और सरकारी संरक्षण दोनों एक ही पक्ष के होने के कारण उन्हें विभागीय जांच पर कोई भरोसा नहीं है।
इसके साथ ही, बुटोला ने सरकार पर सत्ता पक्ष के विधायकों की अनदेखी करने और पहाड़ की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिर समिति के सदस्यों की नियुक्ति सरकार द्वारा की जाती है, इसलिए इस भ्रष्टाचार की नैतिक और प्रशासनिक जवाबदेही भी उन्हीं की है। प्रेस वार्ता में कांग्रेस के कई वरिष्ठ पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
