देहरादून महायोजना-2041 को अधिक व्यावहारिक और जनभागीदारी पर आधारित बनाने के उद्देश्य से मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) द्वारा आयोजित जनसुनवाई अभियान का तीसरा दिन दून यूनिवर्सिटी में संपन्न हुआ। सेक्टर-03 के लिए आयोजित इस शिविर में स्थानीय नागरिकों, भू-स्वामियों और विभिन्न हितधारकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
जनसुनवाई के दौरान लोगों ने भू-उपयोग, यातायात प्रबंधन, हरित क्षेत्र संरक्षण और आवासीय-व्यावसायिक गतिविधियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराईं। एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी और सचिव मोहन सिंह बर्निया ने स्पष्ट किया कि प्राप्त प्रत्येक सुझाव का तकनीकी और विधिक परीक्षण किया जाएगा, ताकि भविष्य की विकास रूपरेखा को और अधिक संतुलित और जनहितकारी बनाया जा सके।
यह जनसंवाद अभियान 6 जुलाई से 21 जुलाई 2026 तक राज्य के सभी 12 सेक्टरों में संचालित किया जा रहा है। प्राधिकरण का मानना है कि राजधानी के विकास की दिशा तय करने वाला यह ‘रोडमैप’ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से ही सफल होगा। कल, यानी गुरुवार को सेक्टर-04 के निवासियों के लिए नगर निगम टाउन हॉल में जनसुनवाई कैंप आयोजित किया जाएगा। एमडीडीए ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस प्रक्रिया में शामिल होकर देहरादून के सुनियोजित विकास में अपनी भूमिका सुनिश्चित करें।
