उत्तराखंड कैबिनेट की हालिया बैठक में राज्य के विकास, प्रशासनिक सुधार और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। कैबिनेट के प्रमुख फैसलों का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है:
प्रमुख निर्णय:
• पूर्ण साक्षरता: कैबिनेट ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के मानकों के अनुरूप उत्तराखंड को ‘पूर्णतः साक्षर राज्य’ घोषित करने पर अपनी सहमति दी।
• पशुपालन एवं कृषि: गौ-वंशीय नस्ल सुधार के लिए ‘भ्रूण प्रत्यारोपण पायलट परियोजना’ को मंजूरी दी गई। साथ ही, चार धाम यात्रा मार्गों पर चलने वाले घोड़े-खच्चरों के बीमा प्रीमियम का 20 प्रतिशत भार राज्य सरकार द्वारा वहन करने का निर्णय लिया गया।
• तकनीकी एवं निर्यात: सगंध पौधा केंद्र, सेलाकुई में अत्याधुनिक ‘एक्सेलेरेटर मास स्पेक्ट्रोमेट्री’ मशीन के संचालन के लिए पद सृजित किए गए, जिससे हर्बल उत्पादों की गुणवत्ता जांच और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
• प्रशासनिक सुधार: राज्य आंदोलनकारियों के आश्रितों के लिए आरक्षण प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने में ढील दी गई है। इसके अलावा, राज्य स्वास्थ्य योजना (गोल्डन कार्ड) के लंबित बिलों के भुगतान हेतु वित्तीय सहायता और किशाऊ बांध परियोजना पर सहमति बनने पर केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया गया।
• नियम एवं नीतियां: कारागार विभाग के लिए नई नियमावलियां, संस्कृत शिक्षा विनियमावली में संशोधन और आबकारी नीति में तकनीकी सुधारों को मंजूरी मिली है। साथ ही, बिटुमिनस कार्यों के लिए मूल्य समायोजन के निर्देश दिए गए हैं।
कैबिनेट ने पर्यटन को गति देने हेतु ‘अंतर्राष्ट्रीय हिमालयन कार रैली’ के आयोजन और उच्च न्यायालय के आदेश के क्रम में उपनल कर्मियों के वेतन संबंधी प्रस्तावों पर भी मुहर लगाई है।
