मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ में धीमी प्रगति पर कड़ी नाराजगी जताते हुए जनपदों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (CMO) को सख्त चेतावनी दी है। जिन जिलों में मरीजों का सामान्य जाँच आंकलन प्रतिशत 60 प्रतिशत से कम है, वहां के CMO को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य सचिव ने अगले एक सप्ताह के भीतर मरीजों की जाँच कार्य को शत-प्रतिशत पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसमें उच्च जोखिम वाले गांवों को प्राथमिकता दी जाएगी। इस अभियान की निगरानी अब महानिदेशक (DG) हेल्थ स्तर पर प्रतिदिन की जाएगी।
बैठक में मातृ स्वास्थ्य पर भी विशेष जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि गर्भावस्था की प्रथम तिमाही में पंजीकरण बढ़ाकर ‘उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था’ (High-Risk Pregnancy) की समय रहते पहचान और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। मानसून सीजन को देखते हुए उन्होंने दूरस्थ क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को ‘बर्थ वेटिंग होम्स’ में शिफ्ट करने की व्यवस्था करने को कहा है। इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के ‘वन स्टॉप सेंटर्स’ का सहयोग लेने के भी सुझाव दिए गए हैं। इन प्रयासों का मुख्य उद्देश्य प्रसव पूर्व देखभाल में सुधार लाना और मातृ-मृत्यु दर को न्यूनतम स्तर पर लाना है। सभी जिलाधिकारियों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के आदेश दिए गए हैं।
