मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम और भारत निर्वाचन आयोग के उप निर्वाचन आयुक्त संजय कुमार ने मंगलवार को सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान’ की समीक्षा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य, फॉर्म वितरण और उनके डिजिटाइजेशन में तेजी लाना था।
प्रमुख निर्देश और कार्ययोजना:
• बीएलओ-बीएलए का संयुक्त दौरा: सीईओ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जो मतदाता घर पर अनुपस्थित मिल रहे हैं, उनके मामले में बीएलओ (BLO) को संबंधित बीएलए (BLA) के साथ जाना होगा। इन मतदाताओं के घर कम से कम तीन बार अनिवार्य रूप से विजिट की जानी चाहिए।
• डिजिटाइजेशन पर जोर: जिन जनपदों में फॉर्म वितरण का कार्य लगभग पूरा हो गया है, वहां अब प्राथमिकता डिजिटल डेटा प्रविष्टि (Digitization) को दी जाएगी। जहां प्रगति धीमी है, वहां ‘हेल्पिंग हैंड’ के रूप में अतिरिक्त कार्मिक तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं।
• फील्ड रिपोर्ट अनिवार्य: उप निर्वाचन आयुक्त ने निर्देश दिए कि एबसेंट (अनुपस्थित), शिफ्टेड, डेथ (मृत) और डुप्लीकेट मतदाताओं की पहचान के लिए बीएलओ द्वारा गणना फॉर्म पर सटीक ‘फील्ड रिपोर्ट’ दर्ज करना अनिवार्य है।
जिलाधिकारियों को बूथवार समीक्षा करने और निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने को कहा गया है। बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे समेत सभी जनपदों के जिलाधिकारी और ईआरओ उपस्थित रहे।
