जिलाधिकारी एवं अध्यक्ष चिकित्सा प्रबंधन समिति डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में जिला चिकित्सालय (कोरोनेशन) की चिकित्सा प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अस्पताल के वित्तीय प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और आधारभूत विकास से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा हुई।
जिलाधिकारी ने अस्पताल की आय और व्यय की गहन समीक्षा करते हुए घटते राजस्व पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने अधिकारियों को राजस्व में कमी के कारणों की विस्तृत जांच कर तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही, वित्तीय प्रबंधन और संसाधनों के पारदर्शी उपयोग के लिए विगत वर्षों के बजट का वर्षवार विश्लेषण करने को कहा गया।
लावारिस और निराश्रित मरीजों के संबंध में डीएम ने निर्देश दिए कि उपचार पूरा होने के बाद उन्हें ऐसे ही न छोड़ा जाए, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए उन्हें रेनबसेरा या अन्य उपयुक्त आश्रय स्थलों में स्थानांतरित किया जाए। बैठक में अस्पताल की सीवर मरम्मत, ऑक्सीजन प्रणाली का उन्नयन, नए चिकित्सा उपकरण, सीसीटीवी कैमरे, एसी, कंप्यूटर और परिसर के सौंदर्यीकरण से जुड़े कुल 38 प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया। जिलाधिकारी ने सभी प्रस्तावों का क्रियान्वयन गुणवत्ता मानकों और निर्धारित नियमों के तहत करने पर जोर दिया।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. यतेन्द्र सिंह, मुख्य कोषाधिकारी नीतू भण्डारी सहित अन्य अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
