अंकिता भंडारी हत्याकांड में तीनों दोषियों की जमानत याचिकाएं खारिज होने पर भाजपा प्रदेश प्रवक्ता हनी पाठक ने इसे धामी सरकार की मजबूत और प्रभावी कानूनी पैरवी का नतीजा बताया है। उन्होंने कहा कि यह मामला राजनीति का नहीं, बल्कि राज्य की एक बेटी को न्याय दिलाने का है।
मुख्य बिंदु:
• त्वरित कार्रवाई: घटना के 24 घंटे के भीतर आरोपियों को जेल भेजा गया, एसआईटी गठित हुई और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।
• मजबूत चार्जशीट: करीब 500 पन्नों की चार्जशीट और 100 गवाहों के बयानों के आधार पर दोषियों को उम्रकैद की सजा हुई, जिसके चलते अब उन्हें जमानत भी नहीं मिल सकी।
• परिवार की मांगों का सम्मान: परिजनों के कहने पर तीन बार सरकारी वकील बदले गए और सीबीआई जांच के आदेश दिए गए।
• आर्थिक व अन्य मदद: सरकार ने पीड़ित परिवार को ₹25 लाख की आर्थिक सहायता और पिता व भाई को रोजगार उपलब्ध कराया।
