अरमानों से विदा की बेटी… 24 घंटे बाद जेठ ने दुल्हन को मार डाला, मेहंदी का रंग न छूटा

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मैनपुरी के किशनी क्षेत्र के गांव गोकुलपुरा अरसारा में हुए हत्याकांड में जान गंवाने वालों में चौबिया क्षेत्र के गंगापुरा गांव की एक बेटी भी शामिल है। बृहस्पतिवार को परिजनों ने अरमानों के साथ विदा हुई बेटी की हत्या की सूचना से परिजन आहत हैं। शादी के 24 घंटे के अंदर गांव में मातम छा गया।

चौबिया थाना क्षेत्र के गांव गंगापुरा के वेदराम खेती-किसानी करके अपने घर का पालन पोषण करते हैं। वह चार बेटियों सोनी (18), अंजली (16), खुशबू (14), खुशी (13) और एक बेटे यश (7) के लालन-पोषण के लिए राजस्थान के खुसखेरा की एक फैक्टरी में चार साल से नौकरी कर रहा था।

बड़ी बेटी सोनी की शादी वेदराम ने मैनपुरी जिले के किशनी क्षेत्र के गांव गोकुलपुरा अरसारा निवासी सोनू के साथ तय की थी। 22 को शादी की तिथि तय होने बाद वेदराम करीब एक महीने पहले छुट्टी लेकर घर आ गए थे। यहां धूमधाम से घर की पहली शादी की तैयारियां की गईं।

बड़ों के साथ ही छोटे भाई बहन भी खुश थे। 22 को बरात का धूमधाम से स्वागत, सत्कार किया गया। दावत में आए लोगों ने नवदंपती को आशीर्वाद दिया। 23 जून की सुबह अरमानों के साथ पूरे परिवार ने बेटी को विदा किया।

लेकिन किसे पता था कि वह ससुराल में 24 घंटे भी हंसी खुशी नहीं बिता सकेगी। रात में शादी की थकान मिटाने के लिए सोए परिजन जब उठे तो बेटी समेत पूरे परिवार की हत्या की सूचना से होश उड़ गए। घर के आंगन से बेटी का मंडप भी नहीं उठ पाया था। रोते-बिलखते मैनपुरी गए।

राजस्थान की एक कंपनी में काम करते थे दामाद और ससुर
राजस्थान की जिस कंपनी में वेदराम नौकरी करते थे, उसी कंपनी में सोनू भी कैशियर के पद पर काम करता था। दोनों के मृदु संबंध थे। आसपास गांव होने की वजह से वेदराम ने रिश्ते की बात चलाई और सोनू मान गया। घर परिवार में बात करने के बाद वेदराम ने अपनी बेटी की शादी सोनू से कराई थी।

रात 12 बजे बेटी का हाल-चाल लेकर सोई थी मां
वारदात सुनकर घर ही नहीं पूरे गांव में मातम सा छा गया। वेदराम के पड़ोसी सनी बताते हैं कि वेदराम उनके परिवार के ही रिश्ते में चाचा लगते हैं। बताया कि विदाई के बाद सभी ने काम निपटवाया। अभी भी कुछ काम रह गया था। रात करीब 12 बजे चाची सोनी की मां सुषमा ने उससे बात की थी। उसने ससुराल में सबकुछ ठीक होने की बात कही। इस पर सभी संतुष्ट होकर सो गए थे।

रात में ही गायब हो गया था हत्यारोपी जेठ शिववीर
वेदराम के पड़ोसी, मनोज, श्रीकृष्ण ने बताया कि जेठ शिववीर व्यवहार में शांत लग रहा था। उसने सभी बड़े-बुजुर्गों को सम्मान भी दिया था, लेकिन जयमाल के बाद आधी रात के बाद से वह नजर नहीं आया था।

21 को शादी में शामिल होने गए थे मामा-मामी
वारदात में जान गंवाने वाले दूल्हे के चार मामा श्रीचन्द्र पुजारी, रामवीर, विनोद व अशोक भरथना के गांव नगला रामलाल में रहते हैं। शादी में सभी शामिल होने के लिए 21 को गए थे। हत्याकांड के समय मामी सुषमा देवी (36) पत्नी विनोद कुमार वहीं पर थीं। उन पर भी हमला हुआ है। उन्हें गंभीर हालत में आगरा के लिए रेफर किया गया है। घटना के बाद इस गांव में सन्नाटा पसरा है। सूचना के बाद सभी लोग मैनपुरी और आगरा के लिए निकल गए।

विनोद के पुत्र प्रियांशु ने बताया कि वह माता-पिता के साथ 21 जून को शादी में शामिल होने गया था। शादी के बाद पिता विनोद के साथ शुक्रवार की शाम घर आ गया था। घटना सुनकर शनिवार की सुबह पिता व अन्य परिजन किशनी चले गए। घटना में मां के हाथ व सिर में चोटें आई है। उन्हें इलाज के लिए आगरा ले जाया गया है।
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