मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में सेब, कीवी और ड्रैगन फ्रूट जैसे फलों के उत्पादन को लेकर जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।
बैठक में मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों से लगातार फीडबैक लिया जाए और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए योजनाओं में आवश्यक सुधार किए जाएं। उन्होंने जिलाधिकारियों को मिशन के तहत उत्पादन क्षेत्र और उत्पादकता बढ़ाने के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने और कृषि विज्ञान केंद्रों का उपयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
फलोत्पादन के लिए मजबूत इकोसिस्टम विकसित करने के वास्ते कोल्ड स्टोरेज चेन, ट्रांसपोर्टेशन, रोपवे, मार्केटिंग और प्रोसेसिंग यूनिट्स के विकास पर विशेष फोकस करने को कहा गया। साथ ही, सेब और कीवी की सघन खेती के लिए क्लस्टर आधारित दृष्टिकोण अपनाने और हाई डेंसिटी वैरायटी की अत्याधुनिक नर्सरियां विकसित करने के निर्देश दिए गए। पॉलीहाउस योजना का लाभ देने के लिए प्रत्येक जिले में 3-3 वेंडर्स एंपैनल्ड किए गए हैं, और कम उत्पादकता वाले पुराने क्षेत्रों को नई फसलों से रिप्लेस करने की बात कही गई।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगौली, एस.एन. पांडेय, राजेंद्र कुमार, आयुक्त गढ़वाल आनंद स्वरूप, आयुक्त कुमायूँ दीपक रावत सहित विभिन्न जनपदों के जिलाधिकारी और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
