भदोही के “नाथो” को लेकर बड़ा खुलासा,पूर्व बसपा नेताओं को लेकर ये है चर्चा

भदोही लोकसभा सीट पर भाजपा से चुनावी टिकट की दावेदारी कर रहे वर्तमान भाजपा नेताओं की पृष्ठभूमि बसपा छाप है. इसे लेकर भाजपा संगठन के जिला कैडर नेताओं में आंतरिक रोष है

Big revelation about Bhadohi's "Naths", this is the discussion about former BSP leaders.
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लोकसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहा है, वैसे-वैसे चुनावी अखाड़े में टिकट की खातिर पहलवानी तेज हो चली है. इसे संयोग कहिए या दुर्भाग्य कि केंद्र में बहुमत से सत्तारूढ़ परचम लहराने वाली भाजपा के पास इस सीट पर मजबूत प्रत्याशी नहीं हैं जोकि लोकसभा का चुनावी टिकट हांसिल कर पाए. यहां भाजपा संगठन के कट्टर नेताओं को हांशिए पर रखा गया है, जिसके कारण कहा जा रहा है कि भदोही लोकसभा सीट पूर्व बसपा नेताओं के कब्जे में है।

गौरतलब है कि भदोही लोकसभा सीट पर वर्तमान समय से डा. रमेश चंद्र बिंद सांसद हैं, जिन पर ‘भगवा सदरी’ खूब जम रही है. पिछले लोकसभा चुनाव से पूर्व ही बसपा से विधायकी करके भाजपा में आए थे लेकिन जातिय समीकरण एवम् गठबंधन से जुड़ी कुछ पार्टियों ने उन्हें भाजपा में आते ही लोकसभा का चुनावी टिकट दिलवा दिया था. भाजपा की लहर में वे आपसी सामंजस्य बैठाकर सासंद भी बन गए. फिलहाल भाजपा में रम गए हैं और अपनी दावेदारी बनाए हुए हैं. इसी बीच कुछ और दिग्गज दावेदार हैं, जो ‘हाईपावर चश्मे’ से इस बार टिकट के जुआड़ में जुटे हैं. इन्हीं दो दिग्गज नेताओं में पूर्व मंत्री रंगनाथ मिश्रा व पूर्व सांसद गोरखनाथ पांडेय का नाम प्रमुख है।

सपा-बसपा गठबंधन के बाद भी नहीं बन पाए सांसद जगजाहिर है कि वर्षों बसपा की सियासी महफिल सजाने वाले रंगनाथ मिश्रा ने भले ही मंत्री तक का सफर पूर्ण किया हो लेकिन सांसद बनने का उनका सपना पिछली बार भी चकनाचूर ही रहा. इन दिनों जहां भाजपा में हूंकार भर रहे हैं, वहीं पिछले लोकसभा चुनाव में भी वो बसपा में ही थे. सपा-बसपा गठबंधन ने इन्हें जिताने के लिए पूरी ताकत झोंक दी और ब्राम्हणी की दुहाई देकर इन्होंने भी सवर्ण वोट बैंक को खींचा. फिर भी रंगनाथ मिश्रा 466414 मत पाकर दूसरे स्थान पर रहे और यहां भदोही संसदीय क्षेत्र से 43615 मतों से भाजपा प्रत्याशी डा. रमेश बिंद ने जीत हासिल कर ली।

भदोही भाजपा में बुजुर्ग नेता बतौर पूर्व सांसद गोरखनाथ पांडेय भी अपनी भूमिका मजबूत कर रहे हैं, जोकि परिसीमन में आई भदोही लोकसभा सीट पर बसपा में रहकर सांसद बनने का गौरव हांसिल कर चुके हैं. भाजपा की सरकार केंद्र व राज्य में आते ही श्री पांडेय नीजी सुरक्षा व राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को ठिकाने लगाने के लिए पूर्व मंत्री रंगनाथ मिश्रा से पहले ही बसपा छोड़ भाजपा में लौट आए थे. ऐसे में इनकी भी दावेदारी चर्चा में है।

संभवतः बात चाहे जो हो लेकिन भदोही लोकसभा सीट पर भाजपा से चुनावी टिकट की दावेदारी कर रहे वर्तमान भाजपा नेताओं की पृष्ठभूमि बसपा छाप है. इसे लेकर भाजपा संगठन के जिला कैडर नेताओं में आंतरिक रोष है. अंदरूनी रूप से बिना भोंपू से चिल्लाए कुछ नेता दिल्ली दरबार में पहूंच चुके हैं, तो कुछ टिकट की तलाश में पहूंचने वाले है।

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