देहरादून के सुनियोजित विकास के लिए तैयार की जा रही ‘महायोजना-2041’ को लेकर मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) का जनसुनवाई अभियान दूसरे दिन भी जारी रहा। मंगलवार को ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी परिसर में आयोजित शिविर में सेक्टर-02 के स्थानीय नागरिकों और भू-स्वामियों ने महायोजना के विभिन्न प्रावधानों पर अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए और आपत्तियां दर्ज कराईं।
अभियान के मुख्य बिंदु:
• सीधा संवाद: एमडीडीए का उद्देश्य महायोजना को केवल कागजी दस्तावेज न बनाकर शहर की वास्तविक जरूरतों से जोड़ना है। इसके लिए 6 से 21 जुलाई तक 12 सेक्टरों में शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
• अगली सुनवाई: अभियान के तहत बुधवार को दून यूनिवर्सिटी कैंपस में सेक्टर-03 के निवासियों के लिए जनसुनवाई होगी।
• प्रक्रिया: प्राधिकरण प्राप्त सभी सुझावों का तकनीकी और विधिक परीक्षण करेगा, ताकि विकास, पर्यावरण और नागरिक सुविधाओं के बीच बेहतर संतुलन स्थापित हो सके।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी और सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि यह महायोजना शहर के भविष्य का आधार बनेगी। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। प्राधिकरण का स्पष्ट मानना है कि स्थानीय स्तर से मिलने वाले सुझाव महायोजना को अधिक व्यावहारिक और प्रभावी बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
