Chardham Yatra: अब 22 दिन बाकी; अंतिम चरण में तैयारी, केदारनाथ धाम पहुंची प्रशासन की टीम ने लिया जायजा
रिपोर्ट: आकाश
चारधामों के कपाट खुलने का शुभ मुहूर्त तय होने के बाद आगामी यात्रा के लिए तैयारियां अंतिम चरण में है। देश दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं की सुगम व सुरक्षित यात्रा के लिए प्रदेश सरकार पुख्ता इंतजाम में जुटी है। छह मार्च से शुरू हुए पंजीकरण का आंकड़ा 10 लाख के करीब पहुंच गया है।
चारधाम यात्रा शुरू होने के लिए अब 22 दिन बाकी है। पर्यटन के अलावा स्वास्थ्य, बिजली, लोक निर्माण, पेयजल, परिवहन, पुलिस व प्रशासन, पशुपालन समेत अन्य विभाग व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे रहे हैं। केदारनाथ धाम में तीन से चार फीट बर्फ जमीं है। बृहस्पतिवार को जिला प्रशासन व पुलिस की टीम ने केदारनाथ धाम पहुंच कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। बड़ी लिनचोली व छोटी लिनचोली से आगे केदारनाथ मंदिर तक पैदल रास्ते से बर्फ हटा कर बहाल करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।
चारधाम यात्रा मार्गों पर ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए पुलिस ने प्लान तैयार कर लिया है। श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए इस बार केदारनाथ व बदरीनाथ धाम में नवनिर्मित अस्पताल को संचालित किया जाएगा। इससे श्रद्धालुओं को आपात स्थिति में धामों में ही इलाज की सुविधा मिलेगी
पर्यटन विभाग ने छह मार्च से यात्रा पंजीकरण शुरू किया। 20 दिन में पंजीकरण की संख्या 9.37 लाख से अधिक हो चुकी है। इस बार भी चारधाम यात्रा में आने के लिए तीर्थयात्रियों काफी उत्साह है। इसकी तसदीक पंजीकरण के आंकड़े कर रहे हैं।
यात्रा में चुनौतियां भी कम नहीं
उत्तराखंड आपदा के दृष्टि से संवेदनशील है। चारधाम यात्रा मार्ग में कई भूस्खलन क्षेत्र है। जहां पर पहाड़ी से मलबा व पत्थर गिरने का खतरा रहता है। कई स्थान पर सड़क अभी तक ठीक नहीं हो पाई है। इसके अलावा इस बार यात्रा में सबसे बड़ी चुनौती अमेरिका, इजराइल व ईरान के बीच चल रहे युद्ध से वैश्विक स्तर पर बनी स्थिति को भी देखा जा रहा है। जल्द ही युद्ध नहीं रुका तो इसका असर यात्रा पर भी पड़ सकता है।
इस तिथि को खुलेंगे धामों के कपाट
धाम तिथि अब तक पंजीकरण की संख्या
केदारनाथ 22 अप्रैल 2026 3.15 लाख
बदरीनाथ 23 अप्रैल 2026 2.77 लाख
गंगोत्री 19 अप्रैल 2026 1.73 लाख
यमुनोत्री 19 अप्रैल 2026 1.69 लाख
