देहरादून में मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा हेतु आयोजित बैठक में प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम ने आपदा प्रबंधन के प्रति कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने जलभराव, भूस्खलन और बाढ़ सुरक्षा कार्यों को मानसून शुरू होने से पहले प्राथमिकता पर पूरा करने को कहा है।
बैठक के मुख्य बिंदु:
• जल निकासी: आईएसबीटी समेत शहर के जलभराव वाले क्षेत्रों के लिए संयुक्त टीम गठित कर जलनिकासी सुनिश्चित करने और 12 प्रमुख नालों की सफाई शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए गए।
• आपदा प्रबंधन: जनपद के 12 लैंडस्लाइड और क्रॉनिक स्लिप जोन की विशेष निगरानी होगी। साथ ही, संभावित जलभराव और क्लाउड बर्स्ट वाले क्षेत्रों में पूर्व चेतावनी तंत्र को सुदृढ़ किया जाएगा।
• जन सुरक्षा: जोखिम वाले क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को समय रहते नजदीकी चिकित्सालयों में भर्ती कराने की व्यवस्था की गई है, जहाँ उनके भोजन और ठहरने का पूरा खर्च प्रशासन उठाएगा।
• स्वास्थ्य: डेंगू, मलेरिया जैसी वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम हेतु फॉगिंग और व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के आदेश दिए गए।
• निगरानी: जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का वार रूम 24×7 सक्रिय रहेगा।
प्रमुख सचिव ने कार्लीगाड और मझाड़ा क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर पुनर्वास कार्यों का जायजा लिया। सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करने और किसी भी आपदा स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि जान-माल की क्षति को न्यूनतम किया जा सके।
