उत्तराखंड के अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) डॉ. वी. मुरुगेशन ने देहरादून पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच व अदालती कार्यवाही का ब्योरा साझा किया।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में ऋषिकेश स्थित वनंतरा रिजॉर्ट की कर्मचारी अंकिता भंडारी की हत्या के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर तीनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर डीआईजी स्तर की महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई।
एसआईटी ने वैज्ञानिक, फॉरेंसिक, तकनीकी और भौतिक साक्ष्य जुटाते हुए 88 दिनों में करीब 500 पन्नों का आरोपपत्र न्यायालय में पेश किया। अभियोजन की प्रभावी पैरवी और ठोस साक्ष्यों के आधार पर 30 मई 2025 को कोटद्वार की अपर जिला एवं सत्र अदालत ने तीनों दोषियों—पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता—को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई। तीनों दोषी वर्तमान में जेल में सजा काट रहे हैं।
