देहरादून के बिधोली क्षेत्र में अवैध निर्माण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण में तैनात अवर अभियंता मनवीर की कथित मिलीभगत से क्षेत्र में धड़ल्ले से अवैध निर्माण कराए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों और शिकायतकर्ताओं का कहना है कि बिना मानचित्र स्वीकृति के बहुमंजिला इमारतें तेजी से खड़ी हो रही हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार बिल्डरों और विभागीय अधिकारियों की कथित सांठगांठ के चलते सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान पहुंचाया जा रहा है। आरोप यह भी है कि कम्पाउंडिंग के नाम पर बड़ा खेल चल रहा है, जहां कम राशि सरकारी राजस्व में दिखाकर बाकी रकम कथित तौर पर निजी जेबों में पहुंचाई जा रही है।
मामले में इम्तियाज़ अली, शुभम गोयल, मनप्रीत सिंह लूथरा और नवीन गुप्ता के नाम भी चर्चाओं में हैं। आरोप है कि इन निर्माणों में कथित तौर पर मोटी रकम के लेन-देन के जरिए नियमों को ताक पर रखा गया और अवैध निर्माणों को संरक्षण दिया गया। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तो करोड़ों के राजस्व घोटाले और अवैध निर्माण के बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर विभागीय जिम्मेदार अधिकारी अब तक चुप क्यों बैठे हैं।
“सबूतों के साथ होगा बड़ा खुलासा”
शिकायतकर्ताओं ने दावा किया है कि आने वाले दिनों में अवैध निर्माण, कम्पाउंडिंग और राजस्व हानि से जुड़े कई दस्तावेज और सबूत सार्वजनिक किए जाएंगे। इसके बाद पूरे मामले में बड़े JE और बिल्डरों की भूमिका भी कटघरे में आ सकती है।
