विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने शिक्षा निदेशालय में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में सेवारत शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता के समाधान हेतु महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को शिक्षक संगठनों से सकारात्मक वार्ता कर एक सुसंगत प्रस्ताव तैयार करने और अन्य राज्यों द्वारा अपनाए गए मॉडलों का अध्ययन करने के निर्देश दिए हैं। इससे प्रदेश के लगभग 20 हजार शिक्षकों की बड़ी समस्या का समाधान होने की उम्मीद है।
बैठक के अन्य प्रमुख बिंदु:
• पदोन्नति और कानूनी पैरवी: शिक्षकों की पदोन्नति से जुड़े न्यायालय में लम्बित मामलों में ठोस पैरवी करने को कहा गया है ताकि शिक्षकों को जल्द पदोन्नति का लाभ मिल सके।
• पीजीआई रैंकिंग: आगामी परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (पीजीआई) रैंकिंग में राज्य की स्थिति सुधारने के लिए अभी से तैयारी शुरू करने और लर्निंग आउटकम व गवर्नेंस पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
• अन्य निर्देश: डॉ. रावत ने प्रत्येक छात्र की तीन विभिन्न गतिविधियों में सहभागिता सुनिश्चित करने, प्रदेश में शत-प्रतिशत साक्षरता का लक्ष्य प्राप्त करने और 30 जून तक शिक्षकों के सभी तरह के संबद्धीकरण (अटैचमेंट) को अनिवार्य रूप से समाप्त करने के आदेश दिए हैं।
बैठक में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिन्हें निर्धारित समय-सीमा में इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
