सचिवालय में सेतु आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) श्री शत्रुघ्न सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में राज्य के दीर्घकालिक आर्थिक विकास और रोजगार सृजन पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु ग्रामीण स्तर पर ‘एकीकृत स्मार्ट विलेज केंद्रों’ (Integrated Smart Village Centers) का विस्तार रहा, जिसका उद्देश्य पर्यटन, कृषि, उद्यान, स्वास्थ्य और तकनीकी विकास को बढ़ावा देना है।
CEO श्री शत्रुघ्न सिंह ने विभागीय कन्वर्जन मॉडल पर जोर देते हुए कहा कि राज्य की भौगोलिक चुनौतियों को देखते हुए समावेशी विकास हेतु विभागों को आपस में बेहतर समन्वय बनाना होगा। उन्होंने कहा कि ग्रामोत्थान के लिए स्थानीय जनसमुदाय, जनप्रतिनिधियों और संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। इसके तहत, पंचायत स्तर पर चयनित केंद्रों के प्रतिनिधियों को स्थानीय लोगों से संवाद कर एक वर्ष की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। यह कार्ययोजना जून के अंतिम सप्ताह तक प्रस्तुत की जाएगी।
बैठक में इन केंद्रों को प्रभावी बनाने हेतु स्मार्ट सेंटर और हेल्प डेस्क स्थापित करने, स्थानीय लोगों को प्रशिक्षित करने और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक सुगमता से पहुँचाने के लिए बिजनेस मॉडल की SOP तैयार करने जैसे सुझावों पर सहमति बनी। इस अवसर पर सेतु आयोग की सलाहकार डॉ. भावना शिंदे सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
