देहरादून के जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार में जनता दरबार का आयोजन किया गया, जिसे अब हर सोमवार को ‘समाधान दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा। इस दौरान जिलाधिकारी ने 132 शिकायतों की सुनवाई की और उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।
मुख्य बिंदु:
• ऑनलाइन ट्रैकिंग और हाई-लेवल सेल: जनता की शिकायतों को अब मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पोर्टल पर दर्ज कर ऑनलाइन ट्रैक किया जाएगा। भूमि विवादों के फास्ट ट्रैक निस्तारण के लिए जिला स्तर पर एक उच्च स्तरीय विशेष सेल गठित करने के निर्देश दिए गए हैं।
• स्वास्थ्य व दूरस्थ क्षेत्रों पर ध्यान: सीएमओ को निर्देश दिए गए कि सड़क संपर्क से वंचित गांवों की गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी की जाए। चकराता, क्वांसी और लाखामंडल में ‘खुशियों की सवारी’ एंबुलेंस सेवा शुरू करने तथा जौली-थानो मार्ग पर बस सेवा के प्रस्ताव पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
• बुजुर्गों व पीड़ितों की फरियाद पर एक्शन: 89 वर्षीय पूर्व सैनिक राधेश्याम के किरायेदार विवाद और भरत भूषण मित्तल के अवैध कब्जे की शिकायत पर पुलिस व एसडीएम को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। फीस न भर पाने के कारण छात्र का सर्टिफिकेट रोकने के मामले में भी एसडीएम को स्कूल प्रशासन से समन्वय करने को कहा गया।
इस अवसर पर एडीएम केके मिश्रा, सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
