देहरादून के इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च (आईडीटीआर) में स्कूल बस चालकों और सहायकों के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) डॉ. अनीता चमोला के निर्देशन में हुए इस कार्यक्रम में 70 चालकों व सहायकों को सड़क सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु:
• फर्स्ट रिस्पॉन्डर ट्रेनिंग: इंटरनेशनल रोड फेडरेशन के विशेषज्ञ हर्ष पारीक ने ‘गोल्डन ऑवर’ के महत्व, प्राथमिक उपचार और एम्बुलेंस सेवाओं से समन्वय पर जानकारी दी।
• कानूनी जानकारियां: प्रतिभागियों को सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों, गुड सेमेरिटन कानून और हिट एंड रन मामलों से जुड़े कानूनी प्रावधानों के बारे में जागरूक किया गया।
• अधिकारियों के संदेश: डॉ. अनीता चमोला ने चालकों को बच्चों की सुरक्षा का प्राथमिक संरक्षक बताते हुए अनुशासित और संवेदनशील रहने का आह्वान किया। वहीं, आईडीटीआर के उप निदेशक रोहित कुमार शर्मा ने नियमित प्रशिक्षण की उपयोगिता पर जोर दिया।
परिवहन विभाग द्वारा सुरक्षित स्कूली परिवहन सुनिश्चित करने के लिए हर माह ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिसके तहत अब तक कुल 116 चालकों और सहायकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
