रिपोर्ट: आकाश
केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने बीजापुर गेस्ट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि उत्तरकाशी के धराली की आपदा पर केंद्र सरकार की नजर है। प्राकृतिक आपदाएं वर्तमान में मानव नियंत्रण से बाहर हैं, लेकिन केंद्र और राज्य सरकार, दोनों प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने और स्थिति को सामान्य करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहे हैं।
दुबारा ऐसी घटनाएं न हो उसके उपाय करने की भी जरूरत है। इसके अलावा केंद्र सरकार राज्य में नशा मुक्ति अभियान में केंद्र सरकार हर तरह का सहयोग करेगी। केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री ने कहा कि देशभर में 1,700 से अधिक नशा मुक्ति केंद्र हैं। इनके संचालन के लिए एनजीओ का भी सहयोग लिया जा रहा है। उत्तराखंड में नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों की रोकथाम के लिए हल्द्वानी में राजकीय नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र का संचालन प्रारंभ कर दिया गया है। इसे अलावा चार नशा मुक्ति केंद्रा कां संचालन एनजीओ के माध्यम से हो रहा है
मंत्री अठावले ने कहा कि छात्रों के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत लगभग 15,000 की सहायता दी जाती है, जिसमें 60 प्रतिशत धन केंद्र और 40 प्रतिशत राज्य सरकारें देती हैं। जबकि कांग्रेस के दौर में 90 प्रतिशत राज्य सरकार और 10 प्रतिशत केंद्र सरकार राशि देती थी। उन्होंने मुद्रा योजना, आयुष्मान योजना का लाभ लेने वालों की संख्या भी साझा की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के साथ ऑपरेशन सिंदूर, सर्जिकल स्ट्राइक तथा सीमा पार आतंकवाद पर की गई कड़ी कार्रवाई की सरहाना भी की। उन्होंने कहा कि जिन्होंने हमारे बहनों का सिंदूर मिटाया, हमने उनका ही मिटा दिया।
मंत्री ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर साधा निशाना, कहा क्या कांग्रेस के जमाने में इलेक्शन कमीशन और सरकार एक थे?
केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने अठावले ने बिहार में नई वोटर लिस्ट बनाने के सवाल पर कहा कि यह जो हो रहा है, वह समझते हैं कि पूरे देश में होने वाला है। वोटर लिस्ट से जुड़ी प्रक्रिया का काम निर्वाचन आयोग का है। इसका सरकार से कोई मतलब नहीं है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा और कहा कि सरकार और निर्वाचन आयोग एक हैं, इस तरह की बात सांसद राहुल गांधी कह रहे हैं। क्या कांग्रेस के जमाने में निर्वाचन आयोग और सरकार एक थे? इलेक्शन कमीशन ने उन्हें कई बार बुलाया, लेकिन वे नहीं गए हैं। इलेक्शन कमीशन एक स्वायत्त संस्था है। उन्हाेंने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने संविधान बदलाव को लेकर की बात कही थी। इससे नुकसान भी हुआ था, बाद में जनता ने इसे समझा। एनडीए को हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली समेत अन्य जगहों में चुनाव में जीत मिली। नए कानून बन सकते हैं, संविधान में संशोधन हो सकता है। पर संविधान में बदलाव नहीं हो सकता है
घटनाओं को कम करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार प्रतिबद्ध
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में दलितों पर अत्याचार की घटनाएं मौजूद हैं, लेकिन इन्हें कम करने के लिए राज्य सरकार और केंद्र दोनों प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि दलितों में जागरूकता बढ़ने से वह न्याय के लिए अब पुलिस के पास पहुंचने लगे हैं। कुछ राज्यों का जिक्र करते हुए कहा कि यूपी, महाराष्ट्र, राजस्थान, एमपी में संख्या बढ़ी है। उन्होंने संविधान निर्माण में भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर के योगदान को याद किया और कहा कि कि 1989 का अत्याचार अधिनियम, जो 1955 के पीसीआर अधिनियम के बाद आया, ने ऐसे मामलों को गैर-जमानती बनाकर इन घटनाओं में कमी लाई है
