हरिद्वार
आगामी कुंभ मेले की तैयारियों के बीच एक गंभीर मामला सामने आया है। RTI एक्टिविस्ट विपुल ने उत्तराखंड सरकार पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि कुंभ कार्यों में संभावित भ्रष्टाचार के चलते उत्तर प्रदेश से एक विवादित अधिकारी को उत्तराखंड में तैनात किया गया है।
आरोप के अनुसार, राजन सिंह नामक अधिकारी को उत्तर प्रदेश की कार्यदायी संस्था निर्माण निगम से नियमों के विरुद्ध प्रतिनियुक्ति पर लाकर आवास विभाग में नियुक्त किया गया। बताया गया है कि नियमों के तहत 55 वर्ष से अधिक आयु के अधिकारी को प्रतिनियुक्ति पर नहीं रखा जा सकता, जबकि संबंधित अधिकारी की जन्मतिथि 15 जुलाई 1969 है, जिससे उनकी आयु निर्धारित सीमा से अधिक हो जाती है।
आगे कहा गया कि प्रतिनियुक्ति के बाद उक्त अधिकारी को कुंभ से जुड़े कार्यों के लिए हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (HRDA) में भेजा गया। यह भी आरोप है कि जिस कार्यदायी संस्था से अधिकारी को लाया गया, उस पर पहले भी उत्तराखंड में कई बार घोटालों के आरोप लग चुके हैं और उस संस्था को काम देने पर रोक भी लगाई जा चुकी थी।
RTI एक्टिविस्ट विपुल ने दावा किया है कि कई बार शिकायतें और नियमों का हवाला देने के बावजूद संबंधित अधिकारी को नहीं हटाया गया। इससे सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि जब राज्य में योग्य अधिकारियों की कमी नहीं है, तो कुंभ जैसे महत्वपूर्ण कार्य के लिए बाहरी और विवादित अधिकारी को लाना सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा करता है और बड़े स्तर पर अनियमितताओं की आशंका को जन्म देता है।
RTI एक्टिविस्ट विपुल ने मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि इस प्रकरण में जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो मामला हाईकोर्ट में ले जाया जाएगा।
