उत्तर प्रदेश के भदोही से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां “खुशी गैस एजेंसी” पर आपदा के समय मुनाफाखोरी और कालाबाज़ारी के गंभीर आरोप लगे हैं।
आरोप है कि एजेंसी द्वारा ऑनलाइन सिस्टम में गैस डिलीवरी दिखाकर रिकॉर्ड पूरा किया जा रहा है, जबकि हकीकत में उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा। इससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब वे एजेंसी पर गैस लेने पहुंचते हैं, तो उन्हें साफ तौर पर कहा जाता है कि “अगर तुरंत सिलेंडर चाहिए तो 2 हजार रुपये में ब्लैक में ले जाओ।” इस तरह की खुली कालाबाज़ारी से लोगों में भारी आक्रोश है।
आपदा जैसे संवेदनशील समय में, जब आम जनता पहले से ही परेशान है, ऐसे में इस तरह की हरकतें ना सिर्फ अमानवीय हैं, बल्कि कानून का खुला उल्लंघन भी मानी जा रही हैं।
पीड़ित उपभोक्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी आपदा के नाम पर जनता का शोषण न कर सके।
अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी इस मामले पर कब संज्ञान लेंगे और क्या मुनाफाखोरी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी या फिर आम जनता यूं ही पिसती रहेगी।
“आपदा में भी कमाई का खेल, जनता त्रस्त—प्रशासन कब जागेगा?”
