उत्तराखंड में मकानों के सूचीकरण और आवास जनगणना का राष्ट्रीय अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब तक राज्य में 70 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है। भारत के महा रजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने गुरुवार को प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु और सभी जिलाधिकारियों के साथ वर्चुअल मीटिंग कर कार्य की समीक्षा की।
लक्ष्य और उपलब्धि:
बैठक में बताया गया कि अब तक गणना टीमों ने 19 लाख घरों में दस्तक देकर डेटा संग्रहित किया है, जिससे लगभग 86 लाख की आबादी कवर हो चुकी है। 24 मई की डेडलाइन तक शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। पर्वतीय जिलों में चंपावत का प्रदर्शन बेहतर रहा है, वहीं देहरादून के डीएम सविन बंसल ने भी सभी क्षेत्रों में काम शुरू होने की पुष्टि की है।
आंकड़ों की गुणवत्ता पर जोर:
महा रजिस्ट्रार ने स्पष्ट किया कि जनगणना के आंकड़ों की गुणवत्ता अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि परिसीमन और भविष्य की जनकल्याणकारी योजनाएं इसी डेटा पर आधारित होती हैं। उन्होंने अधिकारियों को डेटा की सावधानीपूर्वक जांच करने के निर्देश दिए।
प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु ने इसे ‘राष्ट्रीय अभियान’ बताते हुए प्राथमिकता से पूर्ण करने पर जोर दिया। बैठक में सचिव दीपक कुमार और निदेशक ईवा आशीष श्रीवास्तव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
