सावन का पहला सोमवार आज, जानिए शिवलिंग पर जल और भस्म चढ़ाने के फायदे

0 14

Noida:आज सावन महीने का पहला सोमवार है। सावन का महीना और इसमें पड़ने वाले हर एक सोमवार का विशेष महत्व होता है। सावन के महीने में सोमवार का व्रत रखना और शिवजी की विशेष पूजा और अभिषेक करना बहुत ही लाभदायक माना जाता है। इस बार सावन के महीने में कुल 8 सोमवार व्रत रखे जाएंगे। सावन का यह महीना 31 अगस्त तक रहेगा।

श्रावण सोमवार पर पूजा के दौरान जरूर करें इस मंत्र का जाप

सावन का महीना भगवान शिव की उपासना और साधना के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है। इसके साथ सावन के महीने में पड़ने वाले सोमवार के दिन पूजा के दौरान ऊं नम: शिवाय मंत्र का जाप अवश्य करें।

क्यों रखा जाता है सावन सोमवार व्रत

आज सावन का पहला सोमवार है। हिंदू धर्म में सावन सोमवार का व्रत रखने का विशेष महत्व होता है। ऐसी मान्यता है कि वैवाहिक जीवन को सुखमय बनाने के लिए सावन सोमवार का व्रत रखा जाता है। इसके अलावा जिन जातकों की कुंडली में विवाह योग नहीं आता है या फिर विवाह होने में तरह की तरह की परेशानियां आती हैं उनके लिए सावन सोमवार का व्रत अवश्य रखना चाहिए। इसके अलावा लंबी आयु और बेहतर स्वास्थ्य के लिे सावन सोमवार का व्रत रखना बहुत ही फलदायी होता है।

सावन सोमवार 2023 की तिथियां

आज सावन का पहला सोमवार है और इस बार अधिकमास के कारण कुल 8 सावन सोमवार का व्रत रखा जाएगा। आइए जानते हैं कब-कब रहेगा सावन सोमवार।

सावन का पहला सोमवार- 10 जुलाई
सावन का दूसरा सोमवार- 17 जुलाई
सावन का तीसरा सोमवार-24 जुलाई
सावन का चौथा सोमवार- 31 जुलाई
सावन का पांचवा सोमवार- 7 अगस्त
सावन का छठा सोमवार- 14 अगस्त
सावन का सातवां सोमवार- 21 अगस्त
सावन का आठवां सोमवार- 28 अगस्त

सावन में शिव उपासना के लाभ
आज सावन का पहला सोमवार है। शिवपुराण के अनुसार सावन के महीने में सोमवार व्रत रखे और पूजा-उपासना करने पर सभी तरह की परेशानियां जल्द ही दूर होने लगती है और परिवार में सुख-शांति और वैभव की प्राप्ति होती है।  सावन में महाकाल की पूजा से व्यक्ति को दुर्घटना और अकाल मृत्यु नहीं होती है।

अधिकमास के कारण दो महीना चलेगा सावन

इस बार सावन का महीना 58 दिनों तक चलेगा। सावन के महीने की शुरुआत 4 जुलाई से हो गई जोकि 31 अगस्त तक रहेगा। सावन के महीने में अधिकमास पड़ने के कारण इस बार सावन का महीना दो माह तक चलेगा। सावन के महीने में भगवान शिव की पूजा उपासना करना बहुत ही फलदायी रहता है।

सावन के महीने जरूर करें ये उपाय

सावन का महीना भगवान शिव और माता पार्वती की उपासना का होता है। शास्त्रों में भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कई तरह के उपाय किए जाते हैं। सावन महीने में हर रोज 11 व 21 बिल्वपत्रों पर चंदन से ॐ नम: शिवाय लिखकर शिवलिंग पर चढ़ाना चाहिए। इससे सभी तरह की मनोकामनाएं जल्द पूरी होती हैं।

सावन महीने के प्रमुख व्रत-त्योहार

13 जुलाई को कामिका एकादशी, 15 जुलाई को मासिक शिवरात्रि, 17 जुलाई को श्रावण माह की अमावस्या, 19 अगस्त को हरियाली तीज, 21 अगस्त नाग पंचमी, 30 अगस्त को रक्षा बंधन का त्योहार मनाया जाएगा।

शिवलिंग पर न चढ़ाएं ये चीजें

शिवपुराण के अनुसार कभी भी भगवान शिव को ये चीजें नहीं चढ़ाना चाहिए।
– केतकी का फूल
– तुलसी दल
– हल्दी
– शंख से जल
– कुमकुम
– टूटे हुए चावल

सावन सोमवार पर शिव मंत्र का जाप करना लाभकारी

– ऊं नम: शिवाय:
– ऊं शंकराय नम:
– ऊं महेश्वराय  नम:
– ऊं  रुद्राय नम:

महामृत्युंजय मंत्र
“ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥”

सावन सोमवार 2023 का पूजा शुभ मुहूर्त

आज सावन के पहले सोमवार पर बहुत ही अच्छा शुभ योग बना हुआ है। आज रेवती नक्षत्र और सुकर्मा योग में शिव आराधना की जाएगी। वहीं आज के अभिजीत मुहूर्त की बात करें तो सुबह 11 बजकर 59 मिनट से दोपहर 12 बजकर 54 मिनट तक है। वहीं अगर आप सावन के पहले सोमवार में प्रदोष काल में शिवजी की पूजा करने चाह रहे हैं तो शाम के पूजा का शुभ मुहूर्त 5 बजकर 38 मिनट से 7 बजकर 22 मिनट तक रहेगा।

मकर, कुंभ और मीन राशि वाले ऐसे करें शिव आराधना

मकर-  आज सावन सोमवार पर पंचामृत से भगवान शिव का अभिषेक करें।

कुंभ- इस राशि वालों के लिए तिल के तेल से भगवान शिव का अभिषेक शुभ फलदायी साबित होगा।

मीन- दूध में केसर मिलाकर भगवान का अभिषेक करें उसके बाद पीले चंदन का तिलक लगाकर पीले पुष्प और फल अर्पित करें।

तुला, वृश्चिक और धनु राशि के लोग शिवजी को अर्पित करें ये चीजें

तुला- इस राशि के जातक दही, सुगंधित इत्र और गन्ने के रस से शिवलिंग को स्नान कराएंगे तो उनकी कामना भोलेनाथ शीघ्र पूरी करेंगे।

वृश्चिक- इस राशि वाले पंचामृत से भोलेनाथ का अभिषेक करें।

धनु- गाय के दूध में केसर और गुड़ मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करें। अष्टगंध चन्दन लगाकर पीले पुष्प अर्पित करें।

कर्क, सिंह और कन्या राशि के लोग शिवजी को ये चीजें चढ़ाएं

कर्क- इस दिन भगवान शिव को दूध,दही,घी,गंगाजल और मिश्री से अभिषेक करें।शिव मंदिर में सफ़ेद चीजों का दान करें।

सिंह- सिंह राशि वालों को जल में गुड़ मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करना शुभ रहेगा। भोलेनाथ का शुद्ध देसी घी से स्न्नान कराना भी फलदाई है।

कन्या- इस राशि वालों को शुभ फलों की प्राप्ति के लिए गन्ने के रस से भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए। दूध,शहद,बेलपत्र,मदार के पुष्प,धतूरा और भांग अर्पित करना भी शुभ रहेगा।

मेष, वृषभ और मिथुन राशि वाले आज सावन सोमवार को ऐसे करें पूजा

मेष- जल में गुड़ मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करें। बेलपत्र पर सफ़ेद चंदन से राम नाम लिखकर शिवलिंग पर अर्पित कर दें।

वृष- शिवलिंग पर दूध-दही से अभिषेक और हरश्रृंगार के फूलों की माला चढ़ाकर सफ़ेद चंदन से त्रिपुण्ड लगाएं।

मिथुन- इस राशि वाले गन्ने के रस से भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करेंगे तो विशेष लाभ मिलेगा। इसके अलावा भगवान शिव का शहद से रुद्राभिषेक करें।

शिवजी को क्यों चढ़ाया जाता है भस्म

सभी देवी-देवताओं में शिव जल्द प्रसन्न होने वाले देवता होते हैं। अगर सच्चे मन से इन्हें मात्र एक लोटा जल अर्पित कर दें तो यह भक्त की सभी मनोकामनाओं को पूरा कर देते हैं। शिवजी का पूजा में भस्म एक बहुत ही जरूरी पूजा सामग्री मानी जाती है। शिवपुराण के अनुसार बिना भस्म चढ़ाएं शिव जी की पूजा अधूरी मानी जाती है। शिवजी को भस्म चढ़ाने के पीछे पौराणिक कथा है। इस कथा के अनुसार एक बार राजा दक्ष ने अपने राजमहल में एक यज्ञ का आयोजन किया था जहां पर उन्होंने देवी सती के सामने उनके पतिदेव भोलेनाथ का अपमान किया था। शिवजी के अपमान को सुनकर देवी सती ने हवन कुंड में जलकर अपने प्राण त्याग दिए थे। जब यह बात शिव जी को मालूम हुई तब क्रोधित होकर उन्होंने सती की चिता की भस्म को अपने पूरे शरीर में लपेट कर तांडव किया था। तभी से शिव जी को भस्म लगाने की परंपरा शुरू हुई।

Leave A Reply

Your email address will not be published.