आगरा, बिहार और गोवा में जा छिपे धर्मांतरण कर चुके लोग, युवतियां बोलीं- खास मकसद से बात करता था राहिल

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गाजियाबाद : सिविल इंजीनियरिंग का डिप्लोमा करने के बाद बीटेक की पढ़ाई कर रहे मुसीर के गिरोह ने दिल्ली के जिन चार युवकों का धर्मांतरण कराया था, उनमें से एक तक भी पुलिस पहुंच नहीं सकी है। चारों के घर दबिश दी गई तो पता चला कि आठ जुलाई को मुशीर के पकड़े जाते ही उनको इसकी खबर लग गई थी।

उनके मोबाइल की लोकेशन गोवा, बिहार और आगरा की मिली। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अफसरों ने तीनों जगह की पुलिस से सहयोग मांगा है। गाजियाबाद पुलिस की एक-एक टीम भी उनकी तलाश में भेजी गई है। इन चारों के पकड़े जाने पर पता चलेगा कि गिरोह और कितने लोगों का धर्मांतरण करा चुका है।

इनमें अमित राठौर, अमृत सिंह और कपिल आनंद मुसीर के सहयोगी अहमद अब्दुल्ला के परिचित हैं। तीनों का धर्मांतरण पलवल निवासी अब्दुल्ला ने ही कराया था। चौथा अजय है, जो मुसीर से दिल्ली के संगम विहार की मस्जिद में ट्यूशन पढ़ने के लिए आता था।

उसका धर्मांतरण मुसीर ने ही कराया था। पहले उसका नाम सौरभ खुराना था। उसने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) से बीडीएस की पढ़ाई की है। उसका धर्मांतरण पढ़ाई के दौरान ही 2014 में हुआ था। वह दिल्ली में दांतों का क्लीनिक चलाता था। क्लीनिक में ही धर्मांतरण कराता था।

पुलिस का कहना है कि इस गिरोह का काम करने का तरीका यह है कि जिसका धर्मांतरण कराते हैं, उसे भी इसी काम में लगा देते हैं। मुसीर ने पहले सौरभ का धर्मांतरण कर उसे अब्दुल्ला बनाया। अब्दुल्ला बनकर वह भी धर्मांतरण करने लगा। दोनों के संपर्क में आकर संगम विहार दिल्ली के निवासी राहुल अग्रवाल ने धर्मांतरण किया और राहिल खान बन गया।

इसके बाद राहिल भी धर्मांतरण कराने लगा। अब्दुल्ला ने राहिल की शादी अपनी साली इकरा से कराई थी। इस तरह दोनों आपस में साढ़ू बन गए थे। इसी आधार पर पुलिस का मानना है कि अमित राठौर, अमृत सिंह, अजय और कपिल आनंद भी धर्मांतरण कराने में लगे होंगे। उनसे पकड़े जाने पर यह भी पता चलेगा कि अब्दुल्ला और मुसीर ने उनके अलावा और किस किसका धर्मांतरण कराया था।

हां… राहिल ऐसी बातें करता था
पुलिस ने सोमवार को नोएडा के काॅल सेंटर की दो युवतियों से पूछताछ की। एक नोएडा और एक दिल्ली में रहती है। दोनों ने पुलिस को बताया कि राहिल की बातों से लगता था कि वह खास मकसद के लिए काम कर रहा है। वह सभी धर्मों में कमियां बताता था और कहता था कि इस्लाम से बेहतर कोई धर्म नहीं। खुद का उदाहरण देकर उसने कई युवतियों से यह भी कहा कि इस्लाम कुबूल करने में कोई परेशानी नहीं आती है।

राहिल उसी काॅल सेंटर में काम करता था। उसके मोबाइल में 19 युवतियों के साथ उसकी चैट मिली है। इससे पता चला है कि वह सभी का धर्मांतरण कराने का प्रयास कर रहा था। इस मामले का खुलासा इसी काल सेंटर में काम करने वाली खोड़ा की युवती के परिजनों ने किया था। उन्होंने जब अपनी बेटी को नमाज पढ़ते देखा तो उन्हें शक हुआ। मोबाइल से पता चला कि वह राहिल के संपर्क में है और धर्मांतरण कर चुकी है।

डीसीपी ने जांच के लिए एसआईटी गठित की
सोमवार को डीसीपी ट्रांस हिंडन जोन विवेक चंद्र ने दो निरीक्षक, तीन उप निरीक्षक और चार आरक्षी मिलाकर कुल नौ लोगों का विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित कर दिया। एसआईटी मालूम करेगी कि धर्मांतरण कराने वाले गिरोह में कितने लोग शामिल हैं और अब तक कितने लोगों का धर्मांतरण करा चुके। यह भी पता किया जाना है कि धर्मांतरण के लिए मुसीर और उसके गिरोह के सदस्यों को कहीं से फंड तो नहीं मिल रहा था।

ट्रांस हिंडन जोन के डीसीपी विवेक चंद्र का कहना है कि युवतियों से पूछताछ की। उनसे अहम जानकारी मिली है। उस पर काम चल रहा है। युवकों की तलाश बिहार और अन्य जगहों पर की जा रही है। जांच के लिए नौ लोगों की एसआईटी गठित की है।
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