तबादले के बाद टिहरी डीएम के इस्तीफे की चर्चा, मनाने पहुंचे दो अफसर, बंद कमरे में हुई लंबी बात

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देहरादून: एक दिन पहले टिहरी से रुद्रप्रयाग तबादले के बाद रविवार को डीएम डॉ. सौरभ गहरवार के इस्तीफे की चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। सुबह से डॉ. गहरवार किसी का फोन नहीं उठा रहे थे। दोपहर बाद शासन के दो आला अफसर उनके आवास पहुंचे, जहां बंद कमरे में लंबी वार्ता हुई। बताया जा रहा है कि यह अफसर डीएम को मनाने पहुंचे थे। उधर, रविवार को होने वाले विदाई समारोह में भी डॉ. गहरवार शामिल नहीं हुए।

डॉ. सौरभ गहरवार ने पिछले साल 14 जुलाई को टिहरी जिले के डीएम का पदभार संभाला था। प्रशासनिक कार्यों के साथ ही व,ह रविवार छुट्टी के दिन जिला अस्पताल बौराड़ी, सीएचसी थत्यूड़, बेलेश्वर, चंबा में अल्ट्रासाउंड करते रहे हैं। अब तक वह जिले के अलग-अलग अस्पतालों में लगभग एक हजार लोगों के अल्ट्रासाउंड कर चुके है।

डॉ. गहरवार रेडियोलॉजिस्ट हैं। हाल ही में उनके निर्देशन में जी-20 की दो महत्वपूर्ण बैठक टिहरी जिले में संपन्न हुई हैं। इस बात के कयास पहले से लगाए जा रहे थे कि जी-20 की बैठक होने के बाद उनका तबादला हो सकता है। शनिवार की देर रात डीएम टिहरी के रुद्रप्रयाग डीएम पद पर तबादले के आदेश जारी हुए।

ट्रांसफर होने पर सुबह से अधिकारियों और अन्य लोगों ने उन्हें बधाई देने के लिए फोन किया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। दोपहर बाद उनके इस्तीफे की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया। सियासी हलकों से लेकर अफसरों के बीच तेजी से ये चर्चा फैल गई। शाम करीब 4.30 बजे देहरादून से मुख्यमंत्री के सचिव व गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय और एचआरडीए के वीसी अंशुल सिंह नई टिहरी डीएम आवास पर पहुंचे। बताया जा रहा है कि ट्रांसफर से नाराज डीएम को मनाने के लिए दोनों अधिकारी यहां पहुंचे थे। लगभग डेढ़ घंटे तक दोनों अधिकारियों की डीएम के साथ बंद कमरे में बात हुई। देर शाम को दोनों अधिकारी देहरादून लौट गए।

शाम करीब पांच बजे जिले के आला अधिकारी डीएम डॉ. गहरवार को विदाई देने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचे। अधिकारियों के बीच भी डीएम के इस्तीफा देने को लेकर चर्चा होती रही। शाम छह बजे तक डीएम विदाई में शामिल होने के लिए कलेक्ट्रेट नहीं पहुंचे। जिसके बाद अधिकारी भी अपने घरों को लौट गए। खबर लिखे जाने तक उनके इस्तीफे की पुष्टि नहीं हुई थी। चर्चा ये भी है कि डॉ. गहरवार इससे पहले भी इस्तीफे की इच्छा जाहिर कर चुके हैं।

रुद्रप्रयाग में भी बेहतर मौका

रुद्रप्रयाग जिले को प्रशासनिक जिम्मेदारियों के नजरिए से बेहतर माना जाता है। आईएएस मंगलेश डंगवाल ने रुद्रप्रयाग जिले में सेवाएं दी हैं, जिसके बाद उन्हें सीधे पीएमओ से बुलावा आ गया था। इससे पूर्व भी इस जिले में काम करने वाले कई अफसरों ने नाम कमाया है।

अभी तक शासन में डॉ. गहरवार से संबंधित कोई भी पत्र नहीं आया है। इस्तीफे की जानकारी नहीं है।
-शैलेश बगोली, सचिव कार्मिक, उत्तराखंड

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