प्रशांत सेमवाल के गलत कारनामो का एक और खुलासा विभाग को लगाई लाखो की चपत,SE का मिला है संरक्षण ?

Another revelation of the misdeeds of Prashant Semwal, the department was defrauded of lakhs, got protection because of Rana?
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ब्यूरो रिपोर्ट -विपुल पाण्डेय

खबर उत्तराखंड के देहरादून से है जहा पर आपको बता दे की भ्र्ष्ट एई प्रशांत सेमवाल के काले करतूतों का लगातार खुलासा हो रहा है लेकिन वीसी साहब की मेरबानी उनपर इतनी है की अभी तक उनके खिलाफ कोई कार्यवाई नहीं की और ना ही अवैध प्लाटिंग पर कोई नजर पड़ी है इतना जरूर है की वीसी साहब खुलासे से इतने डर गए पुराने फाइलों का लेखा जोखा जरूर बंद करवा दिया लेकिन कार्यवाई ने नाम पर मानो सांप सूघ गया हो हालांकि सुत्रो से मिली जानकारी के मुताबिक इसमें अधीक्षण अभियंता हरिचद्र सिंह राणा का पुरा सहयोग प्रशांत सेमवाल को मिला है जिस वजह से सेमवाल पर कोई कार्यवाई नही हो रही है क्यूकि सेमवाल ने साफ कर दिया था की अगर उसकी जांच होगी और उसपर आंच आयी तो जिम्मेदार सबसे बडे एसी साहब ही होंगे क्यूकि हर फाइल में उनकी मिलीभगत जो थी हालांकि ताजा मामला एक सामने आया है जहा पर सीएम हेल्पलाइन में एक शिकायत दर्ज कराई गयी है जिसमे बताया गया है मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण देहरादून में एई प्रशान्त सेमवाल द्वारा वन भूमि पर ईको रिजोर्ट पास कर दिया गया है। बता दे की एई प्रशान्त सेमवाल द्वारा विजय कुमार मनचन्दा का मसूरी रोड देहरादून पर डोम गॉव में वन भू उपयोग वाली जमीन पर रिजोर्ट गलत तरीके से नियमों के विरूद्ध जाकर पास कर दिया है। जिसका फाईल नम्बर-C-0061/20-21RE1 है। शिकायत पत्र में बताया गया है इस फाईल में नियमो के अनुसार बहुत गलतियॉ की गई है ।विशेषज्ञों से बात करने पर पता चला की फ़ाइल में भू उपयोग परिवर्तन नही कराया गया । CTCP की रिपोर्ट में भू-उपयोग कृषि किये जाने हेतु अग्रेत्तर कार्यवाही अपेक्षित करना लिखा गया गया था। परन्तु एई प्रशांत सेमवाल पर आरोप है की उनके द्वारा भूउपयोग वन विभाग से कृषि में किए बिना ही फाईल को पास कर दिया। भूउपयोग परिवर्तन नही कराने से प्राधिकरण को बहुत बडी वित्तीय हानि हुई है। जिसकी बचत करतें हुए आरोप है की एई ने सारा पैसा अपनी जेब में भर लिया है इस फाईल में तो वन विभाग के प्रमाणित अभिलेख भी प्रस्तुत नही किए गए है तथा ईको रिजोर्ट के नियमो के अनुसार नक्शे में कुछ भी नही दिखाया गया है जैसे प्रति हेक्टेयर पेडों की संख्या को भी नक्शे में नही दर्शाया गया है। ईको रिजोर्ट के इस नक्शे में जो रेस्टोरेन्ट दिखाया गया है वह तो मोके पर रोड वाईडिंग एरिया मेें बना दिया गया है। रेस्टोरेन्ट का निर्माण भी नही हो सकता पर उसके बाद भी उसको पास कर दिया गया है क्योकि रेस्टोरेन्ट का निर्माण इस भू उपयोग में नही किया जा सकता है रेस्टोरेन्ट तो एक व्यवसायिक निर्माण है। फिर भी उसको पास कर दिया । फायर विभाग की NOC भी नही ली गयी है ओर कोटिजो से निकलने वाली गन्दगी के निस्तारण के लिए STP को भी नक्शे में नही दिखाया है। ऐसे बहुत सी कमियॉ एई ने इस फाईल में की गयी है इस मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने फाईल की उच्चस्तरीय जॉच कराकर भ्रष्ट एई के खिलाफ कार्यवाई की मांग की है हालांकि इस मामले में आगे क्या कुछ कार्यवाई होती है ये तो भविष्य के गर्भ में तय है लेकिन जिस तरह से वीसी साहब खामोश है उससे तो ये साफ़ जाहिर है की उनको सेमवाल के खिलाफ कार्यवाई करने से डर लगता है । हम उन सभी आर्किटेक का आभार व्यक्त करते है जिन्होंने तकनिकी सहयोग करके इस भ्र्ष्टाचार को मिटाने का हमारे साथ संकल्प लिया है,और लगातार सहयोग कर रहे है भ्र्ष्टाचार की लड़ाई बड़ी लम्बी है आप सभी का साथ जरूरी है अगर आपके पास भी भ्र्ष्टाचार से जुड़े कोई मामले हो तो आप हमें भेज सकते है और हमारी मदद इस लड़ाई में कर सकते है हमारा सम्पर्क है 8287526017 आपकी बात गोपनीय रखी जाएगी और आप भी एक भ्र्ष्टाचार को खत्म करने में जिम्मेदार नागरिक बन सकते है जल्द एक और बड़े खुलासे के साथ पढ़ते रहिये

 

काले करतूतों की पूरी सीरीज नीचे आप देख सकते है रोज एक खुलासे के साथ 

एक और खुलासा ,अवैध उगाही से हो रहे है मालामाल ?,एमडीडीए के एई प्रशांत सेमवाल

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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