बदरीनाथ मंदिर के कपाट बंद: बदरी विशाल के जयकारों से गूंजा धाम, बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु

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रिपोर्ट: आकाश

 

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बदरीनाथ धाम के कपाट आज दोपहर 2:56 बजे शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। बड़ी संख्या में भक्तों की मौजूदगी में रावल अमरनाथ नंबूदरी ने पारंपरिक रस्में निभाईं और मंदिर के कपाट औपचारिक रूप से बंद किए।

 

 

कपाट बंद होने से पहले, मंदिर को 12 कुंतल फूलों से सजाया गया था। परंपरा के अनुसार, उद्धव और कुबेर की मूर्तियों को गर्भगृह से बाहर लाया गया, जबकि देवी लक्ष्मी को अंदर विराजमान किया गया

 

 

भगवान बदरी विशाल को माना महिला मंगल दल द्वारा तैयार किया गया घृत कंबल (घी से लिपटा एक खास कंबल) ओढ़ाया गया। इसके बाद पूजा अर्चना के साथ ही मंदिर के कपाट बंद किए गए।अब भक्त पांडुकेश्वर में योगध्यान बदरी में भगवान बदरीनाथ की पूजा अर्चना कर सकेंगे।

 

 

 

बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ ही आज चारधाम यात्रा छह माह के लिए स्थगित हो गई है। इस बार यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं ने रिकॉर्ड बनाया है। चारधामों में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा 51 लाख पहुंच गया है। जबकि पिछले साल 48 लाख ने दर्शन किए थे।

 

 

 

इस साल चारधाम यात्रा का आगाज 30 अप्रैल 2025 को यमुनोत्री व गंगोत्री धाम के कपाट खोलने से हुआ था। केदारनाथ धाम का कपाट दो मई व बदरीनाथ धाम के कपाट चार मई को खुले थे। अब चारों धाम, बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट बंद हो चुके हैं

 

 

 

अब चारधामों की पूजा अर्चना शीतकालीन प्रवास स्थल होती है। जहां पर श्रद्धालु शीतकालीन यात्रा में पूजा पाठ व दर्शन कर सकते हैं। इस बार केदारनाथ व बदरीनाथ धाम में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं ने रिकॉर्ड बनाया है। बीते वर्ष केदारनाथ धाम में 16.51 लाख व बदरीनाथ धाम में 14.35 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे।

 

 

 

इस बार केदारनाथ में 17.68 लाख से अधिक व बदरीनाथ धाम में 16.53 लाख दर्शन कर चुके हैं। उत्तरकाशी जिले में आपदा के कारण यमुनोत्री व गंगोत्री धाम की यात्रा प्रभावित रहने से श्रद्धालुओं की संख्या में कम रही

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