रिपोर्ट: आकाश
समान नागरिक संहिता के अंतर्गत ऐसे विवाह, जिनमें विवाह के समय पति व पत्नी दोनों या दोनों में से कोई एक नाबालिग रहा हो, लेकिन अब बालिग हो चुके हैं, उनके पंजीकरण को अस्वीकार नहीं किया जाएगा।
नाबालिग के विवाह के गुपचुप प्रकरण अब पंजीकरण कराने के दौरान सामने आ रहे हैं, लेकिन ऐसे विवाहित जोड़े अब बालिग हो चुके हैं। इनके पंजीकरण को अस्वीकार किया जा रहा है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की समीक्षा बैठक में यह जानकारी सामने आई।
मुख्य सचिव ने ऐसे प्रकरणों को पंजीकरण के लिए अस्वीकार करने को गलत ठहराया। उन्होंने मैदानी जिलों में विवाह पंजीकरण के लिए विशेष अभियान संचालित करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने शुक्रवार को सचिवालय में जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न मुद्दों की समीक्षा की। सभी जिलों से समान नागरिक संहिता के अंतर्गत पंजीकरण की प्रगति की जानकारी उन्होंने ली।
उन्होंने कहा कि आमजन अधिक संख्या में विवाह का पंजीकरण कराएं, इसके लिए जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि विवाह के समय पति या पत्नी के नाबालिग या दोनों नाबालिग रहे हों, लेकिन अब बालिग हो चुके हैं तो ऐसे विवाह का भी पंजीकरण होना चाहिए।
