तम्बाकू निषेध सप्ताह

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रिपोर्ट: आकाश

 

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सर्वे चौक स्थित आई.टी.डी.ए. सभागार में आयोजित इस कार्यशाला में सेटेलाइट तम्बाकू उन्मूलन केन्द्रों का शुभारम्भ किया गया, साथ ही कार्यशाला में उत्तराखण्ड में सर्वप्रथम नगर निगम ऋषिकेश में तम्बाकू विक्रेता लाइसेंस प्रणाली लागू कराने हेतु गजट का विमोचन किया गया।

 

कार्यशाला के दौरान राज्य में सर्वप्रथम देहरादून में 12 एस.टी.सी.सी. (सेटेलाइट तम्बाकू उन्मूलन केन्द्रों) का शुभारम्भ जिलाधिकारी सविन बंसल जी द्वारा किया गया। साथ ही इन केन्द्रों हेतु एडवाइज प्रोटोकॉल का विमोचन भी किया गया।

 

इस अवसर पर जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि तम्बाकू निषेध अभियान का क्रियान्वयन बेहतर तरीके से करने हेतु विभिन्न चिकित्सालयों में टीसीसी की शुरूआत की जा रही है। उन्होंने ऑनलाइन जुड़े दंत चिकित्सकों से आग्रह किया कि वे समुदाय स्तर पर चिकित्सा इकाईयों में तम्बाकू सेवन करने वाले व्यक्तियों की सघन जांच करें तथा उन्हें उचित परामर्श एवं फार्माकोथैरेपी सेवाएं उपलब्ध कराएं। कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि इस वर्ष की तम्बाकू निषेध की थीम Unmasking the appeal पर विस्तृत कार्ययोजना से कार्य करने की आवश्यकता है। तम्बाकू उत्पाद बनाने वाली कंपनियों द्वारा निकोटीन उत्पादों को सुगंधित और आकर्षक फ्लेवर में प्रस्तुत करने की रणनीति का असली सच लोगों तक पहुंचाना आवश्यक है, ताकि युवा पीढ़ी तम्बाकू उत्पाद कंपनियों के जाल में ना फंसें।

 

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने कहा कि तम्बाकू निषेध अभियान में वेंडर लाइसेंसिंग एक बेहतर शुरूआत है। विभागीय स्तर पर तम्बाकू निषेध संबंधी प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए जनपद के अन्य नगर निगम और नगर निकायों में भी यह प्रणाली क्रियान्वित की जानी चाहिए।

 

इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 मनोज कुमार शर्मा ने कहा कि तम्बाकू उत्पादों के सेवन से उपयोगकर्ता को शारीरिक नुकसान के साथ-साथ, अर्थिक एवं सामाजिक नुकसान भी होता है। तम्बाकू किसी भी रूप में स्टेटस सिंबल नहीं हो सकता। तम्बाकू का हर उत्पाद हमें नुकसान ही पहुंचाता है।

 

कार्यशाला में उत्तराखण्ड में सर्वप्रथम नगर निगम ऋषिकेश में तम्बाकू विक्रेता लाइसेंस प्रणाली लागू कराने हेतु गजट का विमोचन किया गया। ऋषिकेश नगर आयुक्त शैलेन्द्र सिंह नेगी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि विगत एक वर्ष की तैयारियों के उपरांत अंततः तम्बाकू वेंडर लाइसेंस प्रणाली के क्रियान्वयन हेतु नियमावली को गजट में प्रकाशित किया गया। जल्द ही ऋषिकेश में इस प्रणाली के अनुरूप लाइसेंस का वितरण प्रारम्भ किया जायेगा। जिसके उपरांत कोई भी विक्रेता बिना लाइसेंस तम्बाकू नहीं बेच पायेगा।

 

इस अवसर पर जनपद देहरादून में कोटपा अधिनियम के क्रियान्वयन में सहयोग करने वाले हितधारकों को सम्मानित भी किया गया। सम्मानित किये गये व्यक्तियों में नगर आयुक्त ऋषिकेश शैलेन्द्र सिंह नेगी, जिला कारागार देहरादून के जेलर पवन कोठारी, जी.आर.पी. के प्रभारी निरीक्षण अशोक कुमार, सनातन धर्म गर्ल्स इंटर कॉलेज मसूरी की प्रधानाचार्य डॉ0 नम्रता श्रीवास्तव, मसूरी कोतवाली से एसएसआई कृष्ण कुमार सिंह, सीमा डेंटल कॉलेज, ऋषिकेश की प्रोफेसर डॉ0 ज्योत्सना सेठ, व्यापार मंडल मसूरी के अध्यक्ष रजत अग्रवाल, बालाजी सेवा संस्थान के निदेशक अवधेश कुमार रहे।

 

जनपद को तम्बाकू एवं धूम्रपान मुक्त बनाने हेतु हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। जिसमें प्रतिभागियों ने बढ़चढ़ कर प्रतिभाग करते हुए तम्बाकू निषेध का संदेश दिया। कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग द्वारा नुक्कड़ नाटक का मंचन भी किया गया। इसके अतिरिक्त प्रतिभागियों को तम्बाकू निषेध तथा पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलायी गयी।

 

कार्यशाला में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ निधि रावत, जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंढियाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी आईसीडीएस जितेंद्र कुमार, डालनवाला कोतवाली सी०ओ० श्री अनुज जी, औषधि निरीक्षक मानेंद्र सिंह राणा, सीबीएसई से सहायक सचिव सुरेन्द्र कुमार, जिला सलाहकार अर्चना उनियाल, मनोचिकित्सक डॉ अनुराधा, सामाजिक कार्यकर्ता रेखा उनियाल, जिला आशा समन्वयक दिनेश पांडे, शहरी स्वास्थ्य मिशन से वेद प्रकाश रतूड़ी, एन सी डी से अंकित पंवार, अनुराग उनियाल, प्रवीण क्षेत्री, सुमित नौटियाल सहित नर्सिंग कॉलेज की छात्र छात्राएं, एन सी सी कैडेट्स और आशा कार्यकत्री उपस्थित रहे।

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