सुस्त गति से चल रहा सिंचाई नहर का कार्य,गुणवत्ता को लेकर किसानों ने खड़े किए सवाल

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डोईवाला से आशीष यादव की रिपोर्ट

डोईवाला विधानसभा के बुल्लावाला झबरवाला गांव में भूमिगत सिंचाई नहर का निर्माण कार्य किया जा रहा है। जिसका उदघाटन पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत व सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने संयुक्त रुप से किया था।
नहर को भूमिगत करने का उद्देश्य किसानों को सिंचाई के लिए भरपूर पानी व ग्रामीणों को सड़क मुहैया कराना है। लेकिन सुस्त गति से चल रहा निर्माण कार्य किसानों और ग्रामीणों पर भारी पड़ रहा है। जहां बिना सिंचाई के किसानों की फसलें सूख रही हैं तो वही खेतों के बंजर होने से किसान नई फसल की बुवाई नहीं कर पा रहे हैं। हालांकि किसानों से सिंचाई के पानी लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने का वायदा किया गया था। पर ठेकेदार और विभाग की लापरवाही का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। ओर झबरवाला के किसानों को पानी उपपब्ध नही हो पा रहा है।

आपको बता दें कि कार्यदायी संस्था सिंचाई विभाग के द्वारा लगभग 14 करोड की लागत से 6 किलोमीटर लंबी सिंचाई नहर का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। पर 4 महीने बीत जाने के बावजूद मात्र अभी तक दो किलोमीटर नहर को ही ह्यूम पाइप की मदद से बनाया गया है। वहीं विभाग और ठेकेदार की लापरवाही व सुस्त गति से चल रहे कार्य का खामियाजा किसानों पर भारी पड़ रहा है। और किसानों के खेतों में सिंचाई का पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इसके साथ ही नहर की गुणवत्ता पर भी किसान नेताओं ने सवाल खड़े किए हैं। और कहा कि प्रतिबंधित सुसवा नदी के मेटेरियल से नहर का निर्माण कार्य किया जा रहा है। जबकि इस नदी के रेत व बजरी में अधिकांश मिट्टी मिली हुई होती है। जो कि निर्माण कार्य के कुछ ही समय बाद पूरी तरह टूटने लगती है। और कहा कि मानकों को ताक पर रख कर सिंचाई नहर का निर्माण कार्य किया जा रहा है। जो कि किसानों के हित में नहीं है।

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